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कबीर पंथ

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#UnknownMiraclesOfGodKabir एक बार जीवा और दत्ता नाम के भगत ने परीक्षा लेने की ठानी की अगर पृथ्वी पर कोई पूर्ण संत है तो उनके चरणामृत से सूखी डार हरी भरी हो जाएगी, थक हार कर जब आखिर में कबीर साहिब जी का चरणामृत लेकर सूखी डार पर डाला गया तो वह सूखी डार एकदम हरी हो गई। Kabir Prakat Diwas 24 June

#कबीरजी_के_रहस्यमयीदोहेKabir Prakat Diwas 24 June

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कबीर, राम कृष्ण से को बड़ा, तिन्हूं भी गुरु कीन्ह। तीन लोक के वे धनी, गुरु आगै आधीन।। कबीर जी ने कहा है कि  आप जी श्री राम तथा श्री कृष्ण जी से तो किसी को बड़ा नहीं मानते। ये तीन लोक के मालिक (धनी) होकर भी अपने गुरु जी के आगे नतमस्तक होते थे। इसलिए सर्व मानव को गुरु बनाना अनिवार्य है।

सत भक्ति

भगवान के विधान को तोड़ने पर व सतभक्ति न करने पर विपत्ति आती हैं। आज इसका जीता जागता उदाहरण दुनिया देख रही है। अभी भी वक्त है संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेकर अपना जीवन सफल करें। आज मनुष्य बहुत बड़ी गलती कर रहा है। भगवान के विधान को तोड़कर मांस खाना, जीव हत्या करना। ऐसे पापों से बचना है तो संत रामपाल जी महाराज की शरण ग्रहण करें।

पूर्ण परमात्मा कौन

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कबीर जी ही पूर्ण परमात्मा हैं व सर्व सृष्टि रचनहार हैं संत दादू जी कहते हैं जिन मोकू निज नाम दिया, सोई सतगुरु हमार। दादू दूसरा कोई नहीं, कबीर सिरजनहार।। मात-पिता भगवान नहीं हो सकते क्योंकि मात-पिता सर्व सुख नहीं दे सकते सर्व सुख को पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ही दे सकते हैं क्योंकि परमात्मा सब दुखों को सुख में बदल देते हैं मात-पिता मिल जाएंगे लख चौरासी माही सतगुरु सेवा और बंदगी फिर मिलन की नाही

क्या कृष्ण जी पूर्ण परमात्मा है

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प्रश्न :- धर्मदास जी ने प्रश्न किया, हे परमेश्वर कबीर बन्दी छोड़ जी! श्री कृष्ण जी ने राजा मोरध्वज के पुत्रा ताम्रध्वज को आरे से बीचों-बीच चिरवाया। मुत्यु हो गई। तुरन्त ही जीवित कर दिया तथा आरे का निशान (चिन्ह) भी नहीं था। यह भगवान भी परमशक्ति युक्त सिद्ध हुए। इस विषय में मेरी शंका का समाधान किजिए। उत्तर :- कबीर परमेश्वर जी ने कहा हे धर्मदास! राजा मोरध्वज के पुत्रा ताम्रध्वज को तो भगवान श्री कृष्ण जी ने जीवित कर दिया। परन्तु अपने सगे भान्जे सुभद्रा पुत्रा अभिमन्यु को जीवित नहीं कर सके। श्री कृष्ण जी की आँखों में आँसू थे, सुभद्रा रो रही थी पाण्डवों का वंश नष्ट हो रहा था। कारण :- कबीर परमेश्वर जी ने बताया हे धर्मदास ताम्रध्वज के स्वांस (आयु) शेष थे इसलिए श्री कृष्ण जी ने ताम्रध्वज को जीवित कर दिया। अभिमन्यु को इसलिए जीवित नहीं कर सके कि अभिमन्यु के स्वांस शेष नहीं थे। उसकी आयु शेष नहीं थी। ये भगवान कर्म लेख को परिवर्तित नहीं कर सकते। शरीर को काट के जोड़ देना तो इन भगवानों (ब्रह्मा,विष्णु तथा शिव) के बाएं हाथ का काम है। यह लीला जो एक जादूगर कर देता है। किसी व्यक्ति को बीच से क...

ईसा मसीह की सच्चाई

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ईसा मसीह की मृत्यु के तीसरे दिन स्वयं पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब ही आये थे भक्ति की लाज रखने के लिए। अन्यथा काल ब्रह्म भगवान से विश्वास ही उठा देता लोगों का। पवित्र बाईबल (उत्पत्ति ग्रन्थ) से सिद्ध होता है कि परमात्मा मानव सदृश शरीर में है, जिसने छः दिन में सर्व सृष्टी की रचना की तथा फिर विश्राम किया।

पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब

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तत्वज्ञान कबीर परमेश्वर जी ने शास्त्रानुकूल भक्ति तथा शास्त्रविरूद्ध भक्ति का भेद बताया। शास्त्र अनुकूल साधना करने से सुख व मोक्ष संभव है तथा शास्त्रविरूद्ध साधना करने से जीवन हानि तथा नरक व चौरासी का कष्ट सदैव बना‌ रहेगा। (गीता अ.16, श्लोक 23-24) परम दिव्य ज्ञान परमेश्वर कबीर साहेब जी ने ही ब्रह्मा, विष्णु, महेश के माता-पिता का ज्ञान कराया तथा उनकी उत्पत्ति बताई। कबीर साहिब ने ही सतलोक का ज्ञान दिया।