खराब शिक्षा और संस्कार
सारी गलती माता और पिता की है 95% माताजी की है
आज_की_वेश्या
कहा जाता है कि प्राचीन काल में एक वैश्या का नाच देखने के लिए लोग उसके खास मकान(कोठे) पर जाया करते थे।
तो वो वैश्या देखने वालों को अपनी मनमोहक नृत्य शैली और अपने नग्नता के जरिए वाह वाही लूटती थी।
अगर उस वैश्या से पूछा जाता कि वो ये काम क्यो करती है?
तो 100% में से 99.99% ये जवाब होता के मजबूरी है, में मजबूर हूं शोक में ये काम नहीं करती हूं।
वो मजबूरी अगर पता लगाने की कोशिश की जाती तो हर किसी की एक अपनी दिल को दहलाने वाली कहानी होती ।
किसी के सर पर मां बाप का साया ना रहा, तो किसी को पति हारामी व नालायक मिला।
ये तमाम बातें करने का मकसद ये है कि उन तवायफों की मजबूरियां समझ में आती थीं।
मगर आज की वैश्या को क्या हो गया है? पता नहीं
में बात कर रहा हूं उन कुछ *_टिक टोक_* वाली *लड़कियों _* की।
जी हां मुझ को पता है कि बहुत से लोगों को मेरी बात बहुत ही बुरी लगी रही होगी मगर ये बात करनी भी ज़रूर है तो में कहना चाहूंगा उन लोगो से (जिनको मेरी बाते बुरी लग रही हैं) के भाई जरा अपने दिमाग पे ज़ोर डालो और सोचो के हमारे आस पास कितनी निर्लज्जता है क्या ये टिक टोक और इस जैसे दूसरे ऐप्स इसके लिए जिम्मेदार नहीं है?
आप देखो की बहुत ही कम कपड़े पहन कर ये बहन बेटियां और हिन्दू नाम वालीयां दुनिया को अपनी दिलकश अदाओं, टाईट जीन्स, चुस्त पजामे पहन कर अपने पिछवाड़े निकाल कर और अगर बस चले तो शर्ट भी उतार कर ठुमक ठुमक कर दुनिया के सामने अपने आपको पेश करती हैं।
और #लाइक मांगती हैं।
तो में पूछता हूं कि क्या ये उन कोठो की पैदावार हैं?
क्या उनके माता-पिता का भी देहांत हो गया?
अपनी राय दें और अगर आप भी स्वक्ष समाज और इन बहन बेटियों की कुछ भलाई चाहते हैं तो ज़्यादा से ज़्यादा फैलाएं।
भगवान इनको सद्बुद्धी दें।
🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔🤔 समझ नहीं आता के उनके माता-पिता भाई, उनके पति निर्लज्ज हैं या उनको भी अपनी बेटी, बीवी, और बहन को तवायफ की तरह नाचते हुए देख कर मज़ा आता है?????
#बैन_TIK_TOK
जिन महानुभावो को मेरी बात बुरी लगी हो तो लगे मुझे फर्क नहीं पड़ता l
यह हमारी भारतीय संस्कृति का उपहास है , और हिन्दू धर्म का अपमान भी , सबसे अहम् बात से अवगत करा दूं की टिकटाक पर युवा लड़किओं के साथ साथ हमने माताओ को भी खूब उनकी बराबरी करते हुए देखा है जो बेहद शर्मनाक है l
जब लोग भद्दे कमेंट करते हैं तो
नजरिया बदलने की सलाह देती हैं
और नजरिया तब बदलेगा जब यह अश्लीलता के नंगे नाच बंद हो जाएंगे सब सत्संग में जाने लग जाएंगे ।
क्योंकि सत्संग एकमात्र ऐसी चीज है जो अपने को सही तरीका जीने का सिखा सकती है
लेख अच्छा लगे तो कृपया चिंतन करे और आसपास के माहौल को येन केन प्रकारेण सुधारने का प्रयास करे ll
और हा मैं ये भी नहीं कहती की वीडियो ना बनाओ अगर बनाना ही है तो ऐसे वीडियो बनाओ जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी को कुछ अच्छा सीखने को मिले
जैसे की सामाजिक, ऐतिहासिक ,धार्मिक वीडियो बनाओ और उसमे भी अपनी संस्कृति और मर्यादा तथा पहनावे का ध्यान रखे ll🙏🏻🙏🏻
और दूसरी तरफ संत रामपाल जी महाराज कर शिष्य ऐसे घटिया गतिविधियों से बिल्कुल दूर रहते है, क्यो संत रामपाल जी एक स्वच्छ समाज का निर्माण कर रहे है ।
इस समाज मे घर कर गयी इन बुराइयों को खत्म कर रहें है ।
सत साहेब
धन्यवाद🙏🏻🙏🏻
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